जानिए 4 प्राणायाम जो अनिंद्रा से मुकति देता है – Yoga For Sleep in Hindi

अपने जीवन में हर व्यक्ति कभी न कभी अनिद्रा की समस्या से परेशान होता है। नींद पूरी न होने की वजह से  कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती है। एक संशोधन के अनुसार 72 प्रतिशत भारतीयों की रात में एक से तीन बार नींद टूटती है और 87 प्रतिशत ने माना कि नींद की कमी के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। चिड़चिड़ापन, ग़ुस्सा और कई प्रकार के मानसिक रोग अनिद्रा के कारण हो सकते हैं। इसे दूर करने और नींद को बेहतर बनाने में प्राणायाम ( Yoga For Sleep in Hindi) अच्छे साबित हो सकते हैं।

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अनिद्रा क्या है? लक्षण, कारण प्राकृतिक उपचार

जानिए ऐसे कुछ प्राणायाम (Yoga For Sleep in Hindi ) जो अनिद्रा की समस्या दूर कर सकते हैं…

 

प्राणायाम जो अनिंद्रा से मुकति देता है – Yoga For Sleep in Hindi

 

उद्घोष प्राणयाम – Udghosh Pranayam in Hindi

कैसे करें – How to do Udghosh Pranayam in Hindi

सुखासन यानी पालती  मारकर बैठ जाएं, हाथों को ध्यान मुद्रा में रखें। ‘अ, उ, म’ यानी लम्बे स्वर में ‘‘ का उच्चारण करें।
ध्यान रखें कि

‘ में मुंह पूरा खुला होगा,
‘ में आधा और
‘ में पूरा बंद।
इसमें ‘ॐं’ का उच्चारण तीन भागों में किया जाता है। ‘ॐ’ तीन शब्दों के संधि विच्छेद से बना है- अ, उ और म।
अ का उच्चारण पेट से होता है,
उ का उच्चारण सीने और गले से तथा
म   का उच्चारण मस्तिष्क से होता है

फायदे – Benefits of Udghosh Pranayam in Hindi

इसे रोज़ाना करने से मन शांत होता है और अच्छी नींद आती है।
‘अ’ के उच्चारण के वक़्त पेट के अंदर बाहर होने से पेट की सारी मांसपेशियों को आराम मिलता है।
‘उ’ का उच्चारण सीने, गले, हृदय और फेफड़ों की दिक़्क़तों को दूर करता है साथ ही थायराॅइड ग्रंथि को मज़बूती प्रदान करता है।
तीसरा शब्द है ‘म’ इससे मस्तिष्क सम्बंधी सभी समस्याएं दूर होती हैं।
पेट की समस्या है तो ‘अ’ का उच्चारण करते समय हाथ को पेट पर रखें, यदि छाती से सम्बंधित कोई समस्या है ‘उ’ बोलते समय हाथों को छाती पर रखें, और यदि मस्तिष्क से सम्बंधित कोई परेशानी है तो ‘म’ के उच्चारण में दोनों हाथों को सिर पर रखें।

सम्वेद प्राणयाम – Samved Pranayam in Hindi

कैसे करें – How to Do Samved Pranayam In Hindi

सुखासन में बैठें और ध्यानमुद्रा रखें।
शुरू के दो मिनट सामान्य सांस लें।
सांस लेते समय ठंडी हवा और सांस छोड़ते समय गर्म हवा महसूस करें। अपना ध्यान इसके अहसास पर केंद्रित करें। अगले दो मिनट आप जितनी लम्बी सांस ले सकते हैं लें और जितना धीरे छोड़ सकते हैं छोड़ें। इसमें भी ठंडी और गर्म सांस पर ध्यान केंद्रित करें।

फायदे – Benefits of Samved Pranayam in Hindi

ऑक्सीजन का प्रवाह सुचारू रूप से होने पर मस्तिष्क को आराम मिलता है और नींद अच्छी आती है।
मन स्थिर होता है। यह प्रक्रिया शांति भी प्रदान करती है। आतंरिक अंगों ज्यादा ऑक्सीजन युक्त रक्त मिलने के कारण  शक्ति प्रदान करता है।

चंद्रभेदी प्राणायाम – Chandrabhedi Pranayam in Hindi

कैसे करें – How to do Chandrabhedi Pranayam in Hindi


सुखासन की मुद्रा में बैठें। दाहिनी(Right) नासिका बंद करे और  बायीं(Left) नासिका से सांस लेकर बायीं से ही छोड़ें। इसे सुबह न कर पाएं तो शाम को भी कर सकते हैं। ध्यान रहे कि दायीं(Right) नाक से न करें क्योंकि वह सूर्यभेदी प्राणायाम कहलाता है।

फायदे – Benefits Of Chandrabhedi Pranayam in Hindi

इससे मन शांत होता है, चिंताओं से राहत मिलती है जिससे नींद आने मे  में दिक्कत नहीं आती।

योगनिद्रा प्राणायाम – Yognindra Pranayam In Hindi (Yoga For Sleep in Hindi )


कैसे  करें – How to do Yognindra Pranayam in Hindi

थकान होने पर, दफ़्तर से लौटने पर पैराें पर हल्का-सा पानी डालकर लेट जाएं। पूरे शरीर को ढीला छोड़ें और हाेंठ जोड़कर दांतों से दूरी कर लें। इसके बाद आपके आप-पास की आवाज़ें जैसे पंखा, चिड़िया या किसी भी प्रकार की ध्वनि को सुनें। किसी एक आवाज़ पर ध्यान देने के बजाय अलग-अलग ध्वनियों पर भी ध्यान दे सकते हैं। बस शरीर पर ध्यान न दें। इसे पांच मिनट तक करें।

फायदे – Benefits of Yognindra Pranayam in Hindi

अच्छी नींद के लिए (Yoga For Sleep in Hindi) यह अधिक फायदेमंद है। नियमित ताैर से करने पर शरीर स्वस्थ होता चला जाता है।
अनिद्रा के साथ माइग्रेन, थायरॉइड, टाॅन्सिल, फेफड़े और हृदय की समस्याएं, मस्तिष्क सम्बंधी रोगों  से मुकति  मिलती है।

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