TLC Test क्या है? What is TLC Test in Hindi

  • Post comments:0 Comments

TLC Test क्या है? What is TLC Test in Hindi

 

ल्यूकोसाइट्स यानी श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC) शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का एक हिस्सा बनती हैं। रक्त में पांच प्रकार के ल्यूकोसाइट्स होते हैं। टोटल ल्यूकोसाइट काउंट टेस्ट (TLC Test in Hindi )रक्त में सभी ल्यूकोसाइट्स की कुल मात्रा को मापता है।

TLC Test आमतौर पर यह दर्शाता है कि प्रति क्यूबिक मिलीमीटर (mm3) में टोटल ल्यूकोसाइट की गिनती क्या है ।

यह डिफ्रेंशियल ल्यूकोसाइट काउंट( DLC Test) के साथ भी किया जा सकता है, जिसमें रक्त के सैंपल में से प्रति सो डब्ल्यूबीसी के प्रतिशत को दर्शाया जाता है।

रक्त में ल्यूकोसाइट्स की संख्या की जांच आमतौर पर एक पूर्ण रक्त कोशिका (सीबीसी) परीक्षण का हिस्सा है।

इसका उपयोग संक्रमण, सूजन, एलर्जी और ल्यूकेमिया जैसी स्थितियों को देखने के लिए किया जा सकता है। इसको WBC और व्हाइट ब्लड सेल भी कहा जाता है।

 

 

श्वेत रक्त कोशिका क्या है? What is Leukocytes in Hindi

 

 

हमारे रक्त मे तीन प्रकार की कोशिका मौजूद है

1 लाल रक्त कोशिका – जो शरीर के लिए जरुरी ऑक्सीजन, खनिज एवं ग्लूकोज का परिवहन करती है।

2 प्लेटलेट्स – जो मुख्य रूप से रक्त के थक्के बनाने के लिए जिम्मेदार है और हमें रक्त स्त्राव के कारण रक्त बहने से बचाती है।
3 श्वेत रक्त कोशिका – मुख्य रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली से जुडी हुयी होती है, जो हमें विविध संक्रमणों से बचाती है।

श्वेत रक्त कोशिका निम्न प्रकार की होती है।

न्यूट्रोफिल सूक्ष्मजीवों को संक्रमण से रोकने और उन्हें एंजाइमों के द्वारा नष्ट करने में मदद करता है।

लिंफोसाईट – बैक्टीरिया या वायरस को शरीर में प्रवेश करने से रोकने के लिए एंटीबॉडीज का इस्तेमाल करते है (बी-सेल लिम्फोसाइट)
वायरस या कैंसर कोशिकाओं से ग्रसित (टी-सेल लिम्फोसाइट) कोशिकाओं मार डालता है।

मोनोसाइट शरीर के ऊतकों में एक मैक्रोफेज, सूक्ष्मजीवों को खाकर और प्रतिरक्षा प्रणाली की शक्ति को बढ़ाते हुए मृत कोशिकाओं से छुटकारा दिलाता है।

eosinophil सूजन को नियंत्रित करता है, विशेष रूप से परजीवी संक्रमण और एलर्जी प्रतिक्रियाओं के दौरान सक्रिय, शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों या अन्य बाहरी पदार्थों को रोकता है।

बेसोफिल अस्थमा के हमलों और एलर्जी की प्रतिक्रिया के दौरान एंजाइमों को उत्पन्न करता है।

यह भी पढ़ें

रकत क्या है? संरचना और सम्बंधित विकार Everything About Blood in Hindi

 

 

TLC टेस्ट क्यों किया जाता है? Purpose of TLC Test in Hindi

 

 

कुल ल्यूकोसाइट गिनती परीक्षण किया जाता है:

 

  • नियमित स्वास्थ्य जांच में पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) टेस्ट के एक भाग के रूप में
  • संक्रमण और सूजन का निदान एवं निगरानी करने में मदद करने के लिए
  • अस्थि मज्जा विकार जैसी WBC गिनती को कम करने वाली स्थितियों का निदान करने में मदद करने के लिए
  • अस्थि मज्जा कार्य की जांच एवं निगरानी करने के लिए
  • कीमोथेरेपी उपचार की निगरानी के लिए
  • ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसे कुछ कैंसर के निदान एवं उपचार की प्रभावितता देखने के लिए।

 

 

टोटल ल्यूकोसाइट्स काउंट कैसे किया जाता है?

 

TLC Test के लिए लैब टेकनीशियन के द्वारा रक्त का सैंपल लिया जाता है। आम तौर पर वह आपकी बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल ले लेंगे। सुई लगने के कारण हल्का सा दर्द हो सकता है, हालांकि की वह जल्दी ही ठीक हो जाएगा।
इसके लिए आपको कोई पूर्व तैयारी या भूखे रहने की जरुरत नहीं है।

 

 

ब्लड टेस्ट से जुड़े कुछ सामान्य जोखिम निम्न हैं –

 

 

  • रक्तस्त्राव
  • त्वचा के नीचे रक्त का जमाव (हीमेटोमा)
  • सुई की जगह पर संक्रमण
  • चक्कर आना

 

 

टोटल ल्यूकोसाइट्स काउंट टेस्ट के परिणाम Results of TLC Test in Hindi

 

TLC Test के सामान्य परिणाम –

 

 

टोटल ल्यूकोसाईट के की सामान्य गिनती उम्र के हिसाब से अलग अलग रहती है ।
यहाँ अलग अलग उम्र के लोगों में सामान्य काउंट निम्न प्रकार की है:

 

TLC Test की सामान्य वैल्यू
वर्ग सामान्य वैल्यू
वयस्क लोग 4500 से 10,500/ mm3
किशोर (12-18 वर्ष) 4500 से 10,500/ mm3
बच्चे (6-12 वर्ष) 4500 से 14500/mm3
बच्चे (1-6 वर्ष) 5000 से 17,000/ mm3
बच्चे (1 से वर्ष से कम) 6000 से 17,500 / mm3
4 हफ्तों तक 6000 से 18,000/ mm3
2 हफ्तों तक 6000 से 21,000/ mm3
नवजात शिशु 9000 से 30,000/ mm3

 

टेस्ट के परिणाम लैब मे की जाने वाली पद्धति के अनुसार थोड़ा बहुत अलग-अलग हो सकते हैं।

 

 

 

असामान्य परिणाम –

 

 

ल्यूकोसाइटोसिस Leucocytosis in Hindi

 

व्यस्क लोगों मे ल्यूकोसाईट की गिनती 11000/mm3 की स्थिति को ल्यूकोसाइटोसिस कहा जाता है। ल्यूकोसाइटोसिस निम्न स्थितियों के कारण हो सकता है।

 

  • घाव या ऊतक में चोट
  • संक्रमण
  • ल्यूकेमिया
  • बोन मेरो ट्यूमर
  • एलर्जी
  • तनाव
  • अस्थमा
  • सूजन या सूजन संबंधी स्थितियां जैसे आर्थराइटिस

एक सामान्य व्यक्ति मे भी ल्यूकोसाइटोसिस हो सकता है जैसे की भारी एक्सरसाइज, एड्रेनलिन इंजेक्शन या गर्भावस्था

 

ल्यूकोपेनिया Leucopania in Hindi

व्यस्क लोगों मे 3700/mm3 या इससे निचे डब्ल्यूबीसी की संख्या की स्थिति को ल्यूकोपेनिया कहा जाता है। ल्यूकोपेनिया निम्न स्थितियों के कारण हो सकता है

 

  • बोन मेरो डिप्रेशन
  • धातु विषाक्तता,
  • रेडिएशन या
  • कुछ दवायें
  • वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण
  • बोन मेरो संबंधित बीमारियां जैसे –
  • अल्यूकेमिक ल्युकेमिया (एक प्रकार का एक रक्त कैंसर, जिसमें ल्यूकोसाईट काउंट या तो सामान्य होता है या फिर सामान्य से कम)
  • अप्लास्टिक एनीमिया (एक स्थिति जिसमें बोन मेरो पर्याप्त मात्रा मे रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता)
  • परनीशियस एनीमिया (विटामिन बी12 की कमी से होने वाली बीमारी )
  • मयेलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम (एक स्थिति जिसमें बोन मेरो क्षतिग्रस्त रक्त कोशिकाएं बनाता है)
  • पर्याप्त आहार की कमी या कुपोषण
  • ऑटोइम्यून बीमारी
  • प्लीहा और लिवर संबंधित बीमारियां
  • बोन मेरो को प्रभावित करने वाले रोग, जैसे फंगल संक्रमण या मेटास्टेटिक ट्यूमर

 

 

TLC Test की पूर्व तैयारी

 

 

इस टेस्ट के लिए किसी भी विशेष पूर्व तैयारी की जरूरत नहीं है। या भूखा रहने की भी जरुरत नहीं है।

कुछ दवाएं test के परिणाम को प्रभावित कर सकती है, हालांकि आपको अपने डॉक्टर की सुचना के बिना किसी भी दवाई को छोड़ना नहीं चाहिए।

कुछ दवाएं ल्यूकोसाईट की संख्या को कम कर सकती हैं, जिनमे शामिल हैं –

 

 

 

  • एंटीबायोटिक्स
  • एंटीथायरोइड दवाई
  • एंटी कंवलसन्ट्स
  • कीमोथेरेपी की दवाएं
  • कैप्टोप्रिल
  • कलोरोप्रोमेज़िन
  • क्लोनाजीपाम
  • हिस्टामिन-2 ब्लॉकर
  • ड्यूरेटिक जैसे की फुरासीमाइड
  • सल्फोनामिड्स
  • क्विनिडीन
  • टर्बिनाफाइन

कुछ दवाई लूकोसाईट की संख्या को बढ़ा सकती हैं उनमें निम्न शामिल हैं –

 

  • कोटिकोस्टेरॉइड जैसे की परेडनीसोलोन
  • एडरीनलिन
  • एपिनेफ्रिन
  • हेपरिन
  • ग्रेन्युलोसाइट कॉलोनी स्टिमुलेटिंग फैक्टर
  • लिथियम

 

हैवी एक्सरसाइज और गर्भावस्था के भी डब्ल्यूबीसी की संख्या बढ़ सकती है। खासकर के आखिरी महीने में और प्रसव के दौरान। स्प्लेनेक्टॉमी( प्लीहा को निकाल देना ) के बाद मे ल्यूकोसाईट की गिनती में थोड़ी वृद्धि देखने को मिलती है।

 

 

 

DLC Test और TLC Test के बिच मे अंतर क्या है?

 

 

TLC Test हमारे रक्त मे प्रति क्यूबीक मिलीमीटर मे ल्यूकोसाईट की संख्या दर्शाता है, और DLC Test प्रति सो ल्यूकोसाईट के अलग अलग प्रकार के प्रतिशत दर्शाता है।

यह भी पढ़ें

DLC Test क्या है? What is DLC Test in Hindi

 

 

           आप ऐसी ही जानकारी ईमेल के जरिये प्राप्त करने चाहते है तो हमे सबस्क्राइब करें । हमारे साथ जुड़े रहने के लिए Facebook Page या Twitter Handle को फॉलो करें । और विडियो मे माहिती जानना पसंद करते है तो हमारा YouTube Channel सबस्क्राइब करें ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.